छठ पूजा का वास्तविक महत्व क्या है?
कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष के षष्ठी को छठ पूजा मनाया जाता है , जिसे छठ पर्व या सूर्यषष्ठी व्रत की पूजा भी कहते हैं , यह एक आस्था का बड़ा पर्व है। जिसकी शुरुआत दीपावली के 6 दिनों बाद की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार 'षष्ठी देवी' को लोकभाषा में 'छठ माता' कहा जाता है, जो ऋषि 'कश्यप' तथा 'अदिति' की 'मानस पुत्री' हैं। इन्हें 'देवसेना' के नाम से भी जाना जाता है। चार दिनों तक चलने वाला इस छठ पर्व से 'राजा प्रियव्रत' की एक पौराणिक कहानी जुड़ी हुई है। इस पौराणिक कहानी के अनुसार 'छठ व्रत' यानि 'सूर्यपष्ठी व्रत' रखकर और विधि-विधान के साथ 'छठी माता की पूजा' करने के बाद 'राजा प्रियव्रत' का 'मृत' हो चुका 'पुत्र' वापस 'जीवित' हो गया था। रामायण और महाभारत में भी छठ पूजा से जुड़ीं कहानियां मिलती हैं! छठ पर्व चार दिनों तक चलने वाला पर्व है ,यह नहाय खाए से शुरू होकर, खरना, संध्या अर्घ्य, अंत में सूर्य भगवान को प्रात:कालीन अर्घ्यदान के पश्चात इसकी समाप्ति होती है !पुराणों के अनुसार जब ब्र...