हम भारत के वीर बच्चे

हम भारत के वीर बच्चे,

कर्मठ, ज्ञानी दिल के सच्चे  ! 

दुश्मन को तो कभी न बख्शें, 

हमसे हारें अच्छे अच्छे ! 


प्राचीनतम इतिहास हमारा, 

विश्व पटल पर सबसे न्यारा  ! 

अभिलाषा के आवेगों में, 

 हमको मिलता है किनारा  ! 


 हम सभी को लेकर चलते ,

यह बच्चों की तनमयता है! 

धर्मों की अनेकता में ,

भाषा की विशेषता है! 


एक हैं हम सब भारतवासी,

भारत माँ के हम विश्वासीविश्वासी ! 

कला संस्कृति की महिमा में, 

बात हमारी अच्छी - ख़ासी  ! 


सबका हम सम्मान करे हैं, 

नहीं यहाँ पर कोई पराया  ! 

देव , ग्रंथ और ऋषियों की, 

इस धरती ने यही सिखाया  ! 


खनिज सम्पदा बहुतेरे हैं, 

अमुल्य जंगलों के घेरे हैं  ! 

भारत के कूचे कूचे में, 

हम सबके हैं वो मेरे हैं...! 


नन्हें मुन्ने देश की खातिर , 

हरदम ही तैयार मिलेंगे...! 

यहाँ मिसाले हिंदुस्तां में, 

एक से बढ़ कर एक मिलेंगे...! 

-- देवाशीष सरकार

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