"सर्द सुबह" -- देवाशीष सरकार

सर्द सुबह की बात 

कुछ अलग सी होती है... 

धड़कनें मंद होती हैं, 

और रह रहकर कहती हैं... 

हवा में साज़ उभरते हैं

कहीं से आस गाती है... 

हमीं से हमको छीनें पर

कहो तो, हामी भरती है... 

सर्द सुबह की बात 

कुछ अलग सी होती है... 


-- देवाशीष सरकार

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